मैं व्यक्तिगत तौर पर श्री बिनोद जी की बातों से पूर्ण रूप से सहमत हूँ कि " इसी तरह जब जाब, शादी, समस्या समाधान, मारवाड़ी समाज संबंधी समाचार आदि इस पर आने लगेंगे तो लोग मजबूरन साइट पर आने लगेंगे।" हमें नकारात्मक बातें नहीं करनी चाहिये। हमें पाँच -छः लेबल जैसे : (1) खुला मंच [जिसमें बहस, परिचर्चा] में सभी लोग भाग ले सकें। (2) सामाजिक विषयों पर लेख, मंच से सम्बन्धित लेख आदि (3) जॉब खोजे (4) शादी-विवाह जानकारी कक्ष (5) मंच समाचार (6) सूचना पट (7) विचार मंच ।
इस तरह से हमें विषय को क्रमवार कर देना चाहिये। साकारात्मक सोच का अर्थ यह भी नहीं होना चाहिये कि कोई सदस्य अपनी बात रखना चाहता हो तो उसे न रखने दिया जाय। हम हर बात को नकारात्मक तरीके से कबतक लेते रहेंगे ? नकारात्मक शब्द की कोई सीमा हो तो स्पष्ट कर देनी चाहिये।
आपका ही
शम्भु चौधरी
मायूम और इन्टरनेट लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
मायूम और इन्टरनेट लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
सोमवार, 20 अक्टूबर 2008
हमें विषय को क्रमवार कर देना चाहिये।
मैं व्यक्तिगत तौर पर श्री बिनोद जी की बातों से पूर्ण रूप से सहमत हूँ कि " इसी तरह जब जाब, शादी, समस्या समाधान, मारवाड़ी समाज संबंधी समाचार आदि इस पर आने लगेंगे तो लोग मजबूरन साइट पर आने लगेंगे।" हमें नकारात्मक बातें नहीं करनी चाहिये। हमें पाँच -छः लेबल जैसे : (1) खुला मंच [जिसमें बहस, परिचर्चा] में सभी लोग भाग ले सकें। (2) सामाजिक विषयों पर लेख, मंच से सम्बन्धित लेख आदि (3) जॉब खोजे (4) शादी-विवाह जानकारी कक्ष (5) मंच समाचार (6) सूचना पट (7) विचार मंच ।
इस तरह से हमें विषय को क्रमवार कर देना चाहिये। साकारात्मक सोच का अर्थ यह भी नहीं होना चाहिये कि कोई सदस्य अपनी बात रखना चाहता हो तो उसे न रखने दिया जाय। हम हर बात को नकारात्मक तरीके से कबतक लेते रहेंगे ? नकारात्मक शब्द की कोई सीमा हो तो स्पष्ट कर देनी चाहिये।
आपका ही
शम्भु चौधरी
इस तरह से हमें विषय को क्रमवार कर देना चाहिये। साकारात्मक सोच का अर्थ यह भी नहीं होना चाहिये कि कोई सदस्य अपनी बात रखना चाहता हो तो उसे न रखने दिया जाय। हम हर बात को नकारात्मक तरीके से कबतक लेते रहेंगे ? नकारात्मक शब्द की कोई सीमा हो तो स्पष्ट कर देनी चाहिये।
आपका ही
शम्भु चौधरी
INTERNET
प्रिय दोस्तों, कहने को हम युवा मंच का नेतृत्व वर्ग कह लें, पर कुछ को छोड़कर मंच का सभी नेतृत्व वर्ग इन्टनेट की दुनिया से आज भी अनजान हैं। हमें उनसे ऐसी कोई आशा नहीं रखनी चाहिये जो आपके उद्देश्य को कमजोर करती हो। जो लोग संवाद के महत्व को जानते हैं, उनसे निवेदन करें कि वे मेरे पते पर अपनी बात को लिखकर पोस्ट कर दें, उनका पत्र नेट पर प्राप्त होते ही आ जायेगा। और हाँ ! आप मुझे अपनी टीम में भी ले सकतें है। - शम्भु चौधरी, कोलकाता - 09831082737
19 October 2008 19:25
19 October 2008 19:25
INTERNET
प्रिय दोस्तों, कहने को हम युवा मंच का नेतृत्व वर्ग कह लें, पर कुछ को छोड़कर मंच का सभी नेतृत्व वर्ग इन्टनेट की दुनिया से आज भी अनजान हैं। हमें उनसे ऐसी कोई आशा नहीं रखनी चाहिये जो आपके उद्देश्य को कमजोर करती हो। जो लोग संवाद के महत्व को जानते हैं, उनसे निवेदन करें कि वे मेरे पते पर अपनी बात को लिखकर पोस्ट कर दें, उनका पत्र नेट पर प्राप्त होते ही आ जायेगा। और हाँ ! आप मुझे अपनी टीम में भी ले सकतें है। - शम्भु चौधरी, कोलकाता - 09831082737
19 October 2008 19:25
19 October 2008 19:25
रविवार, 19 अक्टूबर 2008
कितने इन्टरनेट प्रेमी हैं हम?
बहुत अच्छा लग रहा है कि भाई बिनोद के बाद शम्भू जी सरीखे बिचारक भी इस ब्लॉग से जुड़ रहे हैं। अफ़सोस मगर यह है कि नेतृत्व कि और से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं है। हालाँकि हमने मंच कि रास्ट्रीय डायरेक्टरी में उपलब्ध लगभग सभी मेल आई डी पर इस ब्लॉग कि जानकारी दी है।
डायरेक्टरी देखते हुवे जो बात सबसे ज्यादा तकलीफ देह लगी वोह यह है कि लगभग ९०% अधिकारीयों के मेल ई डी दिए हुवे ही नहीं है। होना तो यह चाहिए था कि इन्टरनेट कि सुबिधा का लाभ लेते हुवे मंच अपने सभी सदस्यों को इन्टरनेट व्यवहार करने हेतु मार्गदर्शन देता, काश........
मंच कि अपनी वेब साईट का हाल तो खैर सबको पता ही है। अब भी देर नहीं हुई है। इन्टरनेट आज कि हकीक़त है, कल कि जरूरत है और आने वाले समय की अनिवार्यता है। मंच को चाहिए की इसे ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने हेतु सदस्यों को प्रेरित करें।
अजातशत्रु
डायरेक्टरी देखते हुवे जो बात सबसे ज्यादा तकलीफ देह लगी वोह यह है कि लगभग ९०% अधिकारीयों के मेल ई डी दिए हुवे ही नहीं है। होना तो यह चाहिए था कि इन्टरनेट कि सुबिधा का लाभ लेते हुवे मंच अपने सभी सदस्यों को इन्टरनेट व्यवहार करने हेतु मार्गदर्शन देता, काश........
मंच कि अपनी वेब साईट का हाल तो खैर सबको पता ही है। अब भी देर नहीं हुई है। इन्टरनेट आज कि हकीक़त है, कल कि जरूरत है और आने वाले समय की अनिवार्यता है। मंच को चाहिए की इसे ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने हेतु सदस्यों को प्रेरित करें।
अजातशत्रु
कितने इन्टरनेट प्रेमी हैं हम?
बहुत अच्छा लग रहा है कि भाई बिनोद के बाद शम्भू जी सरीखे बिचारक भी इस ब्लॉग से जुड़ रहे हैं। अफ़सोस मगर यह है कि नेतृत्व कि और से अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं है। हालाँकि हमने मंच कि रास्ट्रीय डायरेक्टरी में उपलब्ध लगभग सभी मेल आई डी पर इस ब्लॉग कि जानकारी दी है।
डायरेक्टरी देखते हुवे जो बात सबसे ज्यादा तकलीफ देह लगी वोह यह है कि लगभग ९०% अधिकारीयों के मेल ई डी दिए हुवे ही नहीं है। होना तो यह चाहिए था कि इन्टरनेट कि सुबिधा का लाभ लेते हुवे मंच अपने सभी सदस्यों को इन्टरनेट व्यवहार करने हेतु मार्गदर्शन देता, काश........
मंच कि अपनी वेब साईट का हाल तो खैर सबको पता ही है। अब भी देर नहीं हुई है। इन्टरनेट आज कि हकीक़त है, कल कि जरूरत है और आने वाले समय की अनिवार्यता है। मंच को चाहिए की इसे ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने हेतु सदस्यों को प्रेरित करें।
अजातशत्रु
डायरेक्टरी देखते हुवे जो बात सबसे ज्यादा तकलीफ देह लगी वोह यह है कि लगभग ९०% अधिकारीयों के मेल ई डी दिए हुवे ही नहीं है। होना तो यह चाहिए था कि इन्टरनेट कि सुबिधा का लाभ लेते हुवे मंच अपने सभी सदस्यों को इन्टरनेट व्यवहार करने हेतु मार्गदर्शन देता, काश........
मंच कि अपनी वेब साईट का हाल तो खैर सबको पता ही है। अब भी देर नहीं हुई है। इन्टरनेट आज कि हकीक़त है, कल कि जरूरत है और आने वाले समय की अनिवार्यता है। मंच को चाहिए की इसे ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने हेतु सदस्यों को प्रेरित करें।
अजातशत्रु
सदस्यता लें
संदेश (Atom)